शिविर में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं तथा जनसुनवाई के माध्यम से उनके निराकरण की पहल की गई। इसके साथ ही उद्यमी संवाद आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय उद्यमियों ने अपने व्यवसाय एवं औद्योगिक गतिविधियों के अनुभव साझा किए। उद्यमी श्री उदय मेहता ने एसडीपी पाइप निर्माण के अपने उद्यम की जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्य में शासन से अच्छा सहयोग मिला है। उद्यमी श्री प्रखर खंडेलवाल, श्री विपुल एवं श्री विक्रम पवार ने भी अपने-अपने उद्यमों के बारे में जानकारी दी। शिविर में मंच से हितग्राहियों को पीएम स्वनिधि योजना एवं पेंशन योजना के हितलाभ भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कटेसरिया ने कहा कि आगामी 5 से 10 वर्षों में रतलाम जिला आर्थिक रूप से उल्लेखनीय प्रगति करेगा। अगले तीन वर्षों में जिले में 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है, जिससे रतलाम के विकास को नई गति मिलेगी और जिले की तस्वीर बदलने वाली है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ जिले की उद्यानिकी फसलों को भी मिल रहा है। अब यहां की उद्यानिकी उपज सीधे मुंबई और दिल्ली तक आसानी से पहुंच रही है। रतलाम जिले में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। अधिक से अधिक लोग शिविर में पहुंचकर लाभ लें तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करें। जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि सरकार आपके द्वार की अवधारणा के तहत शासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले ये शिविर विभिन्न क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं। आरडीए अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल ने कहा कि शासन की योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहना चाहिए। आमजन एक-दूसरे को योजनाओं की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ प्राप्त कर सकें।