RAAZ NEWS आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवाती तूफान 'मुरासु', 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द विशाखापत्तनम/अमरावती। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने दस्तक दे दी है। तूफान के प्रभाव से समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई ट्रेनों और उड़ानों को रद्द किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और मंगलवार सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के करीब से गुजरा। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि तेज झोंकों के साथ हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तटवर्ती इलाकों में समुद्र की ऊंची लहरें विशाखापत्तनम सहित तटीय क्षेत्रों में समुद्र का मिजाज बिगड़ा हुआ है। समुद्र में उठती तेज लहरें किनारों से टकरा रही हैं। मौसम विभाग ने तूफान के आगे वाले हिस्से में वॉल क्लाउड के बड़े भाग के जमीन पर पहुंचने की जानकारी दी है। वॉल क्लाउड शक्तिशाली तूफान के दौरान मुख्य बादल के निचले हिस्से में बनने वाली बादलों की संरचना होती है। ट्रेन और हवाई सेवाओं पर असर चक्रवाती तूफान और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए रेल एवं हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द की गई हैं। तटीय क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एमडी एवं रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के सीईओ प्रखर जैन ने बताया कि तूफान के तट पार करने के दौरान 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। प्रशासन की ओर से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। RAAZ NEWS | मंदसौर देश-दुनिया की हर बड़ी खबर पर हमारी नजर।