मंदसौर। शहर के अनुयोग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक गोपाल सिंह के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से आक्रोशित परिजनों और समाजजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर घेराव एवं प्रदर्शन किया तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्राप्त शिकायत आवेदन के अनुसार मृतक गोपाल सिंह के पुत्र यशराज सिंह निवासी मांगरोल थाना भावगढ़ ने तहसीलदार मंदसौर को आवेदन प्रस्तुत कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि गोपाल सिंह की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें 13 अक्टूबर 2026 को अनुयोग हॉस्पिटल मंदसौर में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान उन्हें मरीज की बीमारी और स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में समुचित जानकारी नहीं दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर परिजनों से राशि जमा करवाई गई, लेकिन मरीज की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आवेदन के मुताबिक 28 अक्टूबर 2026 को मरीज को दोबारा भर्ती कराया गया। इसके बाद 31 अक्टूबर 2026 को गोपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। मौत के बाद अस्पताल के बाहर प्रदर्शन मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और परिजनों से चर्चा कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों एवं जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहसीलदार से जांच और कार्रवाई की मांग परिजनों ने अपने शिकायत आवेदन में अस्पताल में हुए उपचार, डॉक्टरों की भूमिका और कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे? क्या अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय होगी? फिलहाल परिजनों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।