मंदसौर। राज्य स्तरीय शालेय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पहले खिलाड़ियों के भोजन को लेकर अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आईं और अब प्रतियोगिता के अंतिम दिन भी आवागमन व्यवस्था सवालों के घेरे में नजर आई। जानकारी के अनुसार, प्रतियोगिता के आयोजन स्थल श्रीराम विद्यालय में मैच समाप्त होने के बाद खिलाड़ियों को वापस जाने के लिए उचित वाहन व्यवस्था नहीं मिल पाई। ऐसी स्थिति में कई खिलाड़ियों को पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। खिलाड़ियों ने बताया कि वाहन व्यवस्था के नाम पर केवल बालिका खिलाड़ियों के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया है, लेकिन उसमें भी उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं बालक वर्ग के खिलाड़ियों के लिए वाहन व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है। मैच समाप्त होने के बाद बालक खिलाड़ियों को स्वयं पैदल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता के चार दिनों के दौरान बालक एवं बालिका खिलाड़ियों को आयोजन स्थल तक लाने और वापस पहुंचाने के लिए करीब एक लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आवागमन व्यवस्था के लिए इतनी बड़ी राशि खर्च की जा रही है, तो खिलाड़ियों को समय पर वाहन सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है? राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों के लिए भोजन, आवास और आवागमन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं आयोजन समिति की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं। लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि खिलाड़ियों के नाम पर खर्च हो रही राशि का वास्तविक लाभ खिलाड़ियों तक पहुंच भी रहा है या नहीं? जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या जवाब देते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।