मंदसौर। जिला शिक्षा विभाग एवं शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के तत्वावधान में मंदसौर में आयोजित राज्य स्तरीय रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के सभी 10 संभागों से लगभग 450 बाल प्रतिभागी अपने-अपने संभाग का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे हैं। आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है, लेकिन उद्घाटन समारोह के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन समिति पर सवाल उठने लगे हैं। बच्चों का हौसला बढ़ाने पहुंचे अभिभावक, लेकिन बैठने की व्यवस्था नदारद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छोटे-छोटे बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए उनके माता-पिता और परिजन भी दूर-दराज के क्षेत्रों से मंदसौर पहुंचे। अभिभावकों को उम्मीद थी कि बच्चों के इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन में उन्हें भी उचित सम्मान और सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन आरोप है कि उद्घाटन समारोह में उनके बैठने के लिए कुर्सियों तक की व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन कई अभिभावकों को घंटों खड़े रहना पड़ा तो कुछ जमीन पर बैठकर कार्यक्रम देखने को मजबूर हुए। इस स्थिति ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य स्तरीय आयोजन में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी क्यों? जब प्रदेश के दस संभागों से सैकड़ों बच्चे किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचते हैं, तो आयोजन समिति की जिम्मेदारी केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि खिलाड़ियों और उनके साथ आए अभिभावकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए वे लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचे हैं। ऐसे में उनके लिए बैठने जैसी सामान्य व्यवस्था भी नहीं होना निराशाजनक है। अब सवाल यह है कि राज्य स्तरीय आयोजन की तैयारियों में अभिभावकों की सुविधाओं को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई? क्या आयोजन समिति इस अव्यवस्था का संज्ञान लेकर आगामी कार्यक्रमों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएगी? खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के साथ आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।