देशनईदिल्लीदिल्ली2 नवंबर 2026
वोट बचाओ, देश बचाओ, वोट चोर ...नारे लगाए कांग्रेस
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली, ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे से गूंजा मैदान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन

नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारों के साथ बड़ी विरोध रैली आयोजित की। इस महारैली में कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख दलों के नेता और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
कई दिग्गज नेता हुए शामिल
महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। विभिन्न राज्यों से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे।
हालांकि, चुनाव आयोग का पक्ष अलग है। आयोग के अनुसार SIR के दौरान मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं की प्रविष्टियों को चिह्नित किया गया है। इन सभी प्रविष्टियों को अंतिम रूप से हटाए गए पात्र मतदाता मानना सही नहीं है।
एक दिन पहले हुआ प्रतीकात्मक महाभियोग
31 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग की कार्यवाही भी आयोजित की थी। इसमें छह प्रमुख आरोपों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके अगले दिन रामलीला मैदान में महारैली के जरिए विपक्ष ने अपना विरोध दर्ज कराया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
रामलीला मैदान की इस महारैली को विपक्षी एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया है। वहीं, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया बताया है।
स्रोत: BBC हिंदी, PTI, ThePrint एवं अन्य मीडिया रिपोर्ट।
RAAZ NEWS | मंदसौर
वरिष्ठ पत्रकार राजपाल सिंह परिहार

READERS' VOICES
इस खबर पर आपकी राय
अपनी राय देने के लिए reader account से login करें।
Login / Create account →अभी कोई approved review नहीं है। सबसे पहले अपनी राय दें।

